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अज्ञात कवि : जो हैं नहीं मशहूर, लेकिन साहित्य में योगदान दिया जरूर

Kavishala LabsKavishala Labs October 9, 2021
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अनिल कुमार सिंह :- इनका जन्म 1968 में मुंबई, महाराष्ट्र में जन्म हुआ था। "भारत-भूषण" अग्रवाल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। वह जनवादी लेखक संघ से जुड़े हुए थे। उनकी कुछ कविताएं हे : खोया-पाया, अयोध्या 1991, पहाड़ पर जाना, कौवों से घिरा घायल बाज़, इत्यादि।

प्रस्तुत है "कौवों से घिरा घायल बाज़" की कुछ पंक्तियां :

"संभव है कुछ समयांतर मार-नोच,

खा जाएँ उसको, कौवों जिनसे घिरा हुआ था, 

वीर अकेला अंतिम दम तक लड़ते।"


निलय उपाध्याय :- 28 जनवरी 1963 में इनका जन्म बक्सर, बिहार में हुआ। ये नवें दशक के कवि है। उपन्यास और नाटये लेखन में भी सक्रिय थे। इनकी लिखी कविताएं हे : मनबोध बाबू के नाम पत्र, अपना मोर्चा, मेरे सूर्य, कवि ने बेच दी मुंबई की लोकल, इत्यादि।

प्रस्तुत है "कवि ने बेच दी मुंबई की लोकल" की कुछ पंक्तियां :

"कोई डिब्बे बेच रहा था कोई इंजन,

कोई सिग्नल बेच रहा था कोई टिकट,

सिपाही कानून और टीटी फाइन बेच रहे थे,

डिब्बे, इंजन, सिग्नल, टिकट, सिपाही और टीटी समेत,

एक कवि ने बेच दी मुंबई कि लोकल।"


डॉ. प्रभा किरण जैन :- 30 अक्टूबर 1963, मे हरबर्ट, उत्तराखंड में हुआ। उन्होंने पी.एच.डी, राजनीति विज्ञान मे, राज्य सभा मनोनित सदस्यों के योगदान के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। यह साहित्यकार होने के साथ-साथ बच्चों के लिए कविताएं भी लिखती है। इनकी लिखी कविताएं हे : रंग बिरंगे बलून, गीत खिलौने, इबांबतूता, चल मेरी ढोलकी, इत्यादि।

प्रस्तुत है "इबांबतूता" की कुछ पंक्तियां :

"इबांबतूता पहन के जूता, निकल पड़े तूफान में।

थोड़ी हवा नाक में घुस गई, थोड़ी घुस गई कान में।


वृंद :- 1643 में इनका जन्म मथुरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। 10 वर्ष की अवस्था मे ये काशी आए और तारा जी नामक एक पंडित के पास रहकर साहित्य, दर्शन, आदि विविध विधियों का ज्ञान प्राप्त किया और काव्य रचना सीखी। मुगल सम्राट औरंजेब के यहां वे दरबारी कवि रहे। 1723 मे किशनगढ़ में ही उनका देहांत हो गया। वृन्द की रचनाएं है : समेत शिखर, छंद, पवन, पच्चीसी, भारत कथा, यमक सतई, श्रृंगार शिक्षा मे दोहे-छंदों का प्रयोग किया, इत्यादि।

प्रस्तुत है "दोहे-छंदों" की कुछ पंक्तियां :

"हितहु की कहीये न तीही, जो नर होए अबोध।

ज्यों नकटे को आरसी, होत दिखाए क्रोध।"


अदनान कफील दरवेश :- इनका जन्म 30 जुलाई 19

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