'हिन्दी सिर्फ भारत की राष्ट्रभाषा ही नहीं होनी चाहिए बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय भाषा का दर्जा मिलना चाहिए! – महात्मा गाँधी'
सुनिए किस्से आपके पसंदीदा हिन्दी लेखकों के किन परेशानियों और परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने अपनी कलम की ताकत से समाज को आइना दिखाया! अपनी कविताओं, कहानियों और किताबों के जरिये अपनी आवाज उठाई!
कविशाला संवाद - प्रख्यात महिला कहानीकारों और कवियों की कविताओं और कहानियों के पीछे के किस्से:


