उल्लू को अचरज लगै, सुन सूरज की बात । अन्ध होत दिन के उदय, देते दिखाई रात ।। देते दिखाई रात रवि को मिथ्या मानै । औरों को कह मूढ़ आपको पण्डित जानै ।। गंगादास गुरुदेव करें क्या चेले भुल्लू । रवि को करें अभान जन्म के अंधे उल्लू ।।