सिखा देती है चलना ठोकरें भी राहगीरों को कोई रास्ता सदा दुशवार हो ऐसा नहीं होता कहीं तो कोई होगा जिसको अपनी भी ज़रूरत हो हरेक बाज़ी में दिल की हार हो ऐसा नहीं होता