फुल्लौरी जी के शिष्य श्री तुलसीदेव संगृहीत भजनसंग्रह सत्य धर्म मुक्तावली तीन भागो मे विभक्त है
  • प्रथम भाग में ठुमरियाँ, बिसन पदे, दूती पद हैं;
  • द्वितीय में रागानुसार भजन हैं; ,
  • तीसरे और अंत में एक पंजाबी बारामाह हैं;