फीके पड़े तमाशे सारे, रंग जमाया टी.वी ने! ए बी सी डी ई एफ जी, फिल्मों की है धूम मची, सबने इतवारों की शाम, कर डाली टी.वी के नाम, सैर सपाटे, खेल-कूद का किया सफ़ाया टी.वी. ने! टिक-टिक टिक रे, टिक टिक टिक, आता जब धारावाहिक, बैठक में सब जम जाते, काम-काज सब थम जाते, पढ़ने-लिखने के चक्कर से हमें बचाया टी.वी. ने! अ आ इ ई उ ऊ ए, छुटकू भी टी.वी, घूरे, निक्कर तक न सँभलता है, टी.वी. देख मचलता है, बच्चा हो या बड़ा, सभी को खूब रिझाया टी.वी. ने!