
नमामि मातु भारती !
हिमाद्रि-तुंग, श्रींगिनी
त्रिरंग- अंश- रंगिनी
नमामि मातु भारती
सहस्र दीप आरती !
समुद्र- पाद- पल्लवे
विराट विश्व –वल्लभे
प्रबुद्ध बुद्ध की धरा
प्रणम्य हे वसुंधरा !
स्वराज्य – स्वावलंबिनी
सदैव सत्य – संगिनी
अजेय ,श्रेय - मंडिता
समाज-शास्त्र-पण्डिता !
अशोक -चक्र –संयुते
समुज्ज्वले
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