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नमामि मातु भारती - गोपालप्रसाद व्यास
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Jun 16, 2020
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नमामि मातु भारती ! हिमाद्रि-तुंग, श्रींगिनी त्रिरंग- अंश- रंगिनी नमामि मातु भारती सहस्र दीप आरती ! समुद्र- पाद- पल्लवे विराट विश्व –वल्लभे प्रबुद्ध बुद्ध की धरा प्रणम्य हे वसुंधरा ! स्वराज्य – स्वावलंबिनी सदैव सत्य – संगिनी अजेय ,श्रेय - मंडिता समाज-शास्त्र-पण्डिता ! अशोक -चक्र –संयुते समुज्ज्वले समुन्नते मनोग्य मुक्ति –मंत्रिणी विशाल लोकतंत्रिनी ! अपार शस्य – सम्पदे अजस्र श्री पड़े-पड़े शुभन्करे - प्रियंवदे दया - क्षमा वंशवदे ! मनस्विनी – तपस्विनी रणस्थली – यशस्विनी कराल- काल- कलिका प्रचंड मुंड- मालिका . अमोघ शक्ति – धारिणी कुराज कष्ट – वारिणी अदैन्य मंत्र – दायिका नमामि राष्ट्र – नायिका !
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