मुफ़लिस से अब चोर बन रहा हूँ मैं पर इस भरे बाज़ार से चुराऊँ क्या यहाँ वही चीजें सजी हैं जिन्हे लुटाकर मैं मुफ़लिस बन चुका हूँ।