महाभारत के लहु की गवाई हु मै गांधी तेरी अहिंसाकी शाई हु मै पसीनोे से जिसके ज़िन्दा हु मै उन किसानो की कमाई हु मै सभी मजहबो का कदरदान हु मै आजाद खुशहाल हिंदुस्तान हु मै।। गंगा यमुनाकी अच्छाई हु मै हिमालय तेरी परछाई हु मै बाबाके लिखे विधानों के लफ्जो की पाई पाई हु मै सभी दिलो का अरमान हु मै आजाद खुशहाल हिन्दुस्तान हु मै।। मिठासो को बाटू तो हलवाई हु मै हर दर्द की दवाई हु मै पूछे मौलवी या साधू से उनके मंत्रो की सच्चाई हु मै गीता बाइबल कुरआन हु मै आज़ाद खुशहाल हिन्दुस्तान हु मै।।