किस पर हक कितना है
रिश्तों में शक कितना है।
इमारत ऊँची है तो लेकिन
इसमें इक घर कितना है।
है मेल नहीं जुबाँ आँखों में
लोगों में डर कितना है।
बँगला,गाड़ी,मोटर सब हैं
झुका हुआ सर कितना है।
भूत भविष्य की चिंता है
आज में कल कितना है।
हैं मीठी मीठी बातें उनकी
भीतर में छल कितना है।