खुद में ही पिन्हां हूँ मैं ढूँढता भी हूँ ,कहाँ हूँ मैं। इश्क है जिन्दगी से जो किसी के लिए जहां हूँ मैं। खुदा को मैं ढूँढता नहीं है जहाँ भी वो ,वहाँ हूँ मैं। कभी कभी मैं रो लेता हूँ अभी तलक इंसां हूँ मैं। झुर्रियां , सफेदी हैं तो हैं दिल से अभी जवां हूँ मैं।