
कर के मुँह काला अंधेरों का उजालों से बात की जाये
छोड़ मोह मोबाईल का कुछ घरवालों से बात की जाये
जवाब, जवाब और बस जवाब माँगते हैं सब बात बात पे
छोड़ जवाबों की परवाह कुछ अब सवालों से बात की जाये
आ गये हम छोड़ कर वो गलियाँ पेट की ख़ातिर यहाँ
चलों चलें फिर गाँव वहाँ घर में पड़े जालों से बात की जाये
घूम रहे जहाज़ में, माल में, बंद कमरों में बैठे खाते ठंडी हवा
निकला
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