बहुत देर से कम्प्यूटर पर, बैठी चिड़िया रानी। बड़े मजे से छाप रही थी, कोई बड़ी कहानी।। तभी अचानक चिड़िया ने जब,गर्दन जरा घुमाई। किंतु न जाने किस कारण वह,जोरों से चिल्लाई।। कौआ भाई फुदक-फुदक कर, शीघ्र वहाँ पर आए। 'तुम्हें क्या हुआ बहिन चिरैया', कौआ जी घबराए।। चिड़िया बोली 'पता नहीं है, कैसी ये लाचारी। हुआ दर्द गर्दन में मुझको, कौआ भाई भारी'।। तब कौए ने गिद्ध वैद्य से, उसकी जांच कराई। वैद्यराज ने सर्वाई कल, की बीमारी पाई।। कम्प्यूटर पर बहुत देर थी, बैठी चिड़िया रानी। जोर पड़ा गर्दन पर सच मेम, की थी तो नादानी | कम्प्यूटर पर बहुत देर मत,बैठो मेरे भाई। बहुत देर बैठा जो उसको,यह बीमारी आई।।