
जो कर ना सका कोई वो बात करके आया हूँ
आज मैं फिर एक नई शुरुवात करके आया हूँ
जागा हूँ दिन भर मैं बनाने को ज़िन्दगी बेहतर
मेहनत में गुज़ारा पल पल तब रात करके आया हूँ
नहीं, नहीं मैं, मैं में रहा, लेकर चला सबको साथ
सब जीयें सुख चैन से ऐसे हालात करके आया हूँ
भीड़ है बहुत और भीड़ में खो जाता इंसान यहाँ
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