जो कली सो गई रात को फूल बन गई सुबह, मेरी लाडली, तू भी सो जा। पत्तियों पै झुकी चांदनी डालियों पै रुकी चांदनी, नींद में चल रही है हवा। मेरी लाडली, तू भी सो जा। बादलों में हवा सो गई रोशनी भी कहीं खो गई, नींद से बुझता जाए दिया। मेरी लाडली, तू भी सो जा। रात बीतेगी, होगी सहर फूल खिलके तू महकेगी फिर, रंग लाएगा हर दिन नया। मेरी लाडली, तू भी सो जा।