
हुजूम-ए-नाला हैरत आजिज़-ए-अर्ज़-ए-यक-अफ़्ग़ँ है
ख़मोशी रेशा-ए-सद-नीस्ताँ से ख़स-ब-दंदाँ है
तकल्लुफ़-बर-तरफ़ है जाँ-सिताँ-तर लुत्फ़-ए-बद-ख़ूयाँ
निगाह-ए-बे-हिजाब-ए-नाज़ तेग़-ए-तेज़-ए-उर्यां है
हुई यह कसरत-ए ग़म से तलफ़ कैफ़िययत-ए शादी
कि सुबह-ए-ईद मुझ को बद-तर अज़ चाक-ए गरेबां है
दिल ओ दीं नक़्द ला साक़ी से गर सौदा किया
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