हमारो दान देहो गुजरेटी। बहुत दिनन चोरी दधि बेच्यो आज अचानक भेटी॥१॥ अति सतरात कहा धों करेगी बडे गोप की बेटी। कुंभनदास प्रभु गोवर्धनध्र भुज ओढनी लपेटी॥२॥