है मुश्किल गर तो तुझे खुद हल निकालना होगा कोई नहीं संभालेगा तुझे खुद को संभालना होगा होता नहीं फ़ैसला ज़िन्दगी का सिक्का उछाल कर गर होता है भी तो वो सिक्का खुद तुझे उछालना होगा हौसलों से उड़ कर दिखा तू चाँद को छूकर दिखा करना है जो सपना सच तो उसे पलकों पर पालना होगा हालत और समय पल पल बदलते और बदलते रहेंगे स्थितियों के अनुसार चलकर उनमें खुद को ढालना होगा कल क्या होगा, कैसे होगा सोच सोच कर आज मत ख़राब कर लड़ना होगा तुझे डटकर खुद अपने कल को सुधारना होगा चल तू चलता चल चाल से अपनी ख़ुशियाँ कर रही इंतज़ार यूँ हीं नहीं आती ख़ुशियाँ दे अवाज उन्हें तुझे पुकारना होगा है मुश्किल गर तो तुझे खुद हल निकालना होगा कोई नहीं संभालेगा तुझे खुद को संभालना होगा