दिल्ली तो करोड़ों दिल वालों की नगरिया है कोई ले दिमाग़ से क्यों काम मेरे राम जी भूले से, यहाँ जो चला आए एक बार कोई जाने का कभी न लेगा नाम मेरे राम जी पाँव रखने को मेट्रो रेल में जगह कहाँ जाम हुईं सड़कें तमाम मेरे राम जी जाम से भला क्यों घबराएँ कार वाले, यहाँ कारों में छलकते हैं जाम मेरे राम जी