चिड़ियाँ चह-चूँ चह-चूँ बोलें, घुलमिल करती खूब किलोलें! जागें तड़के छोड़ बसेरा, फेरा देवें हुआ सवेरा। हँस-हँस चहक-चहक मुँह खोलें, चिड़ियाँ चह-चूँ, चह-चूँ बोलें! फुर फुर-फुर फुर उड़ें चहकती, घर-घर, छत-छत फिरें लहकती। रुनझुन, फुदक फुदक कर डोलें, चिड़ियाँ चह-चूँ, चह-चूँ बोलें! हिल-मिल, घूम-घूम सब आवें, खिल-खिल, झूम-झूम सब गावें। बोलों में मिसरी-सी घोलें, चिड़ियाँ चह-चूँ, चह-चूँ बोलें! छेड़ें कभी बैठ कर तानें, भर लें फर-फर कभी उड़ानें! अपना जोर हवा में तोलें, चिड़ियाँ चह-चूँ, चह-चूँ बोलें!