चारों चारों युगों से, सुखदायक हैं चार । दया, सत्य, अरु संत ये, चौथा पर उपकार ।। चौथा पर उपकार चार साधन सुखदाई । जो ये धन ले साध उसी की सुफल कमाई ।। गंगादास जन कहें अरे भूषण ये धारो । सोभा पावें जीव साध के साधन चारों ।।