
शब्द हैरान, परेशान चलो, मेला चलें।
सजी है दिल्ली में दुकान, चलो, मेला चलें।
नहीं जुटा किराया, जोड़ता, जुटाता रहा,
जेब में कैसे पड़े जान, चलो, मेला चलें।
अब कहाँ ख़ून-पसीने की बात होती है,
वाह रे मेरा हिन्दुस्तान, चलो, मेला चलें।
मेरे छप्पर में टँगी लालटेन छोटी-सी,
वहाँ बड़े-बड़े मकान, चलो, मेला चलें।
ह
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