फुलकी और फुलकी का पानी, मुझको अच्छा लगता नानी| पर बेटी भीतर तो देखो, फुलकी बासी गंदा पानी| नहीं खाओगी गंदी फुलकी, नहीं पियोगी गंदा पानी| चल री मुनिया भीतर तो चल, तुझे सुनाऊँ एक कहानी।