
बे-कसी से मरने मरने का भरम रह जाएगा
वो ज़रूर आएँगे जब आँखों में दम रह जाएगा
क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा
ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा
Read More! Earn More! Learn More!

बे-कसी से मरने मरने का भरम रह जाएगा
वो ज़रूर आएँगे जब आँखों में दम रह जाएगा
क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा
ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा