बहुत प्यासा हूँ / प्यासा बहुत हूँ! ज़िंदगी — बेहद उदास-हताश है, ग़मगीन है मन विरक्त / उजाड़ / उचाट! बुझती नहीं प्यास कंठ-चुभती प्यास / बुझती नहीं! प्यासा रहा भर-ज़िंदगी ख़ूब तड़का / ख़ूब तड़पा-छ्टपटाया … भागा / बेतहाशा इस मरुभूमि … उस मरूभूमि भागा, जहाँ भी, ज़रा भी दी दिखाई आस भागा! बुझाने प्यास सब सहता रहा; दहता रहा लपट-लपट घिर, सिर से पैर तक गलता-पिघलता रहा! अतृप्त अबुझ सनातन प्यास ले एक दिन दम तोड़ दूंगा, रसों डूबी / नहायी तर-बतर रंगीन दुनिया छोड़ दूंगा!