यह सब कुछ मेरी आंखों के सामने हुआ! आसमान टूटा, उस पर टंके हुये ख्वाबों के सलमे-सितारे बिखरे. देखते-देखते दूब के दलों का रंग पीला पड़ गया फूलों का गुच्छा सूख कर खरखराया. और ,यह सब कुछ मैं ही था यह मैं बहुत देर बाद जान पाया.