
आसान नही होता कविता का बन जाना
कलम के जरिये किरदार उतरता है
पन्नों पर
और उस किरदार को
पन्नों पे उतारने के लिए
ना जाने कितने दरवाजे खोलने होते है
एक सपना एक सोच
और फिर उसके बाद का हौसलां
ख़ुद के वज़ूद को पहचानने का हुनर
औ
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