अजब इक शोर सा बरपा है कहीं कोई खामोश हो गया है कहीं है कुछ ऐसा के जैसे ये सब कुछ अब से पहले भी हो चुका है कहीं जो यहाँ से कहीं न जाता था वो यहाँ से चला गया है कहीं तुझ को क्या हो गया, के चीजों को कहीं रखता है, ढूंढता है कहीं तू मुझे ढूंढ़, मैं तुझे ढुंढू कोई हम में से रह गया है कहीं इस कमरे से हो के कोई विदा इस कमरे में छुप गया है कहीं