
आज तो हमदम अज़्म है ये कुछ हम भी रस्मी काम करें
क्लिक उठा कर यार को अपने नामा-ए-शौक़ अरक़ाम करें
ख़ूबी से अलक़ाब लिखें आदाब भी ख़ुश-आईनी से
ब'अद इस के हम तहरीर मुफ़स्सल फ़ुर्क़त के आलाम करें
या ख़ुद आवे आप इधर या जल्द बुलावे हम को वहाँ
इस मतलब के लिखने को भी ख़ूब सा सर-अंजाम करें
हुस्न ज़ियादा आन मोअस्सिर नाज़ की शोख़ी हो वो Read More! Earn More! Learn More!
