न जाने कितनी सदियों के अहसास , यादें , सपने वादे , इरादे ,  अधूरा पन आँसु , मुस्कुराहटें छुटे हुए साथ अनगिनत जज़्बात और भी कितना कुछ सहेजा है मन में इस मन से बड़ा म्यूज़ियम देखा है कहीं ?