बात बस इतनी जतानी चाहता हूँ, ये मोहब्बत उम्र भर निभानी चाहता हूँ। हाथों में लेकर के हाथ तेरा, पूरी दुनिया दिखानी चाहता हूँ। सदियों तक जो चर्चाओं में बनी रहे, ऐसी सच्ची प्रेम कहानी चाहता हूँ। खोकर सबकुछ, मेरी हो गयी है वो, हर जन्म में, ये ही दीवानी चाहता हूँ। उसने भेज दिया अपने काजल का टीका, मैंने लिखा था, कोई निशानी चाहता हूँ। सामने अपने एक गुलाब लेकर बैठा हूँ, आज तेरी तस्वीर बनानी चाहता हूँ। - कवि पुनीत