।।माँ।।'s image
Share0 Bookmarks 61111 Reads1 Likes
तुझसे कुछ कह ना पाऊँ
खुद से खुद को बहलाऊँ
मन की खामोशी
तू ही तो समझे ना माँ
मेरी माँ .....
तेरे एहसासों की नरमी सी धूप चुनूँ
रात के अन्धेरो मे चाँदनी रूप बुनूँ
मेरा खयाल है ,मेरी परछाई
हाथों की लकीरें, तूने ही बनाई
मेरे जींदगी की रौशनी है
तू ही तो मेरी खुशी है
मेरी माँ....

रुका हूँ सहम के खुद से
मुझको सम्भालेगी माँ
हार

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts