माँ भगवान की मूरत है,
इस संसार की सबसे खूबसूरत है,
माँ रोटी है मकान है,
इस नभ में सबसे महान है।
माँ प्रकाश की ज्योति है,
इससे बड़ा कोई न मोती है।
माँ दुर्गा है माँ सरस्वती है,
इससे बड़ा कोई न भक्ति है।
माँ पेड़ की छाया है,
जिसने गर्मी में मुझे हमेशा बचाया है,
माँ मंदिर है माँ मस्जिद है,
जिसमे हर भगवान की सूरतहै।
माँ हँसी है माँ खुशी है,
इसके आँचल में कोई नही दुखी है।
माँ कलम है माँ किताब है,
इसके बिना शिक्षा भी बेकार है।