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हास्य


तराशा था जिसे सलीके से वो आस हो गयीचम्पा चमेली छोड़कर अमलतास हो गयी

प्रेमपत्र आज भी जिनके पड़े हैं आलमीरे मेंखबर मिली है आज ही वो सास बन गयी

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