सुनो अंजाम बुरा हो गया

ना जाने अब कैसा होगा

प्रकृति के संग खेला हमें

वो भी हम संग खेलेगी

हम भूल गए अपनी संस्कृति

वो भी याद दिलायेगी

अब भी समय है संभलो प्यारे

तनिक भी ना अब देर लगाओ

मांगो माफी प्रकृति से 

अपराध बड़ा हुआ हमसब से

अब संभलने की आई बारी है

अब मिलजुल कर पेड़ लगायेंगे

अपना भी जीवन बचायेंगे

प्रकृति पर असि ना उठायेंगे

सबकुछ फिर जैसा होगा

संकल्प लिये हम आयेंगे 

प्रकृति का गुण गायेंगे

हंसी खुशी सब खेलेंगे 

प्रकृति पर कहर ना बरपायेगें

                मनीष मोदी 

                बेगूसराय बिहार 

                 6207938681