जालियांवाला


लथपथ हूँ मैं खून से आज भी

बरसों से मैं राष्ट्र हूँ!

हुकूमत की वो बेड़ियां 

जकड़ लेतीं हूँ 

बरसों से मैं राष्ट्र हूँ!

समेटे बैठा हूँ 

उन शहीदों को आज भी

हाँ मैं जालियांवाला बाग़ हूँ 


- कवी किरण

@kiranarke