इन दिनों पीटते हैं, कई लड़कियों के जाल में।
बच के रहना यारो, किस डे के बबाल में।
टूटेंगे दिल तुम्हारे भी, नब्ज गिनते गिनते।
याद आ जाएगी बाबूजी की पिटाई।
अब बच के रहना, मेरे भाई ।
कईयों ने है तुमसे इश्क लगाई,
कुछ ने आपने, भाईयो से तो,
कुछ ने बाप से पिटवाई।
बच कर रहना मेरे भाई।
मै नहीं कहता कि प्यार न करो।
किस डे के मौके पर लडको को पिटवाकर,
बदनाम न करो।
छोड़ो कोई ओर बात करे,
किस डे के मौके पर लात घुसो से बात करे।
कमर टूट जाएगी इतिहास पढ़ते पढ़ते।
पूछना तो जरा क्या दिल लगती तो है।
नहीं तो फिर भी क्यों पास आती है।
सोचो समझो वेलेंटाइन डे का दौर चल रहा है।
दिल लगाने वालों के पिटाई का दौर चल रहा है।
कवि अमन कुमार शर्मा


