आपने पहचाना इसकदर,
मुलाकात है।
आप बिछड़ गए हमसे,
कोई और बात है।
तकलीफ हुई इसकदर,
जान गए तुझे।
तुमने छुपाया अपना चेहरा,
पहचान गए तुझे।
तुम कुछ कहो या न कहो,
ये और बात है।
तुम्हे देख कर भी चुप रहे,
कैसी मुलाकात है।
तस्वीर बन चुकी है मेरी आँखों में,
तुम्हे देखकर।
तुम हमसे नजरे न मिलाओ,
ये और बात है।
तुमसे मिलकर न बात करू,
ये और बात है।
तुम मुझसे दूर हो सब कहते है,
मै तुमसे दूर हु, ये और बात है।
तुम कुछ कहो में न सुनो ,
ये कोई और बात है।
कोई और बात है।
कवि अमन कुमार शर्मा


