वो कलमकार की कलम तोड़ फिर कलमकार कहला गए
देश शिक्षा को मरोड़
हर तन में आग लगा गए
वो कलमकार की कलम तोड़
फिर कलमकार कहला गए
अग्नि भरी विचारो से
वो फिर हथियार थमा गए
वो कलमकार की कलम तोड़
फिर कलमकार कहला गए
मंदिर के मुद्दो में छिप
वो कुछ आवाज सुना गए
वो कलमकार की कलम तोड़ कर
फिर कलमकार कहला गए
हिंसा को बढ़ावा दे दे कर
नए इतिहास में आ गए
शोषण के शिकारी को
वो फिर हथियार थमा गए
वो कलमकार की कलम तोड़
फिर कलमकार कहला गए


