आज कल वो दिल लगाती नहीं है 

बोलती है मगर पास बैठाती नहीं है 

मरने लगे है शहर के कुछ लड़के,

कोरोने के डर मैडम जी घर से निकलती नहीं है 

मौसमें हालत से गुजर रहे है लोग हमारे शहर के 

टीवी को देख भाभी जी दिल में भाती नहीं है 

सुना है इन दिनों भाभी जी घर पे है 

कोरोने के डर घर से निकल पाती नहीं है

हालात बिगड़ गए है इनदिनों चैनलों को 

कभी सच्ची खब लाती नहीं है 

क्या करे मर रहे है ग़ाव के बूढ़े 

सपना चौधरी कमर हिलती नहीं है 

सुना है तकलीफ में जी रहे सरदार जी 

सोनिया मैडम कुछ सुनती नहीं है 

साहेब को देखिये मैडम जी के मर्जी से 

घर आपने जाते नहीं है दिल लगते नहीं है 

परदे में ही सही आवाज़ तो दे दो मैडम 

कोरोने के डर से बाहर आती नहीं है 

मैडम जी हमसे दिल लगाती नहीं है 


वयंग 

कवि अमन कुमार शर्मा