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लिफ़ाफ़ा


मैं लिफ़ाफ़ा हूँअमानत दूजे कीसंभालता हूँ

सही हाथों तकजब होती है मेरी दस्तकटुकड़ो में होकरगुम हो जाता हूँ।

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