डायरेक्ट एक्शन डे पर
लगा ही कब था विराम
१९४७ से अब तक
मिलते ही अवसर
हो जाता है
डायरेक्ट एक्शन डे...
कभी भी, कहीं भी ।
हिन्दुस्थान के हिन्दुओ!
सँभल कर साँस लेना
सँभल कर मनाना कोई त्योहार
इधर-उधर देखकर बोलना जय श्री राम
हँसी आये कभी तो चुपके से हँस लेना
यहाँ पतीली में उबल रहा है
आपसी सौहार्द्य
भाईचारा 
और गंगा-जमुनी तहज़ीब
देखो
कहीं उबल कर
नीचे न गिर जाय
यहाँ तो हर पल होता है
भारत का विभाजन
देश
सचमुच खण्ड-खण्ड है
खण्ड-खण्ड हो रहा है 
देखो तो सही
उन्मीलित कर अपने नेत्र ।