उल्फतें इश्क की कोई समझे तो खुदगर्जी है, हम तो अपना दिल मरहूम रखा करते है।✍️ चिदानंद कौमुदी
उल्फतें इश्क की कोई समझे तो खुदगर्जी है, हम तो अपना दिल मरहूम रखा करते है।
✍️ चिदानंद कौमुदी