मेरे मर जाने के बाद 

मेरे हिस्से का दौलत तुम हथियायोगे न?

फिर किसी लड़की के आगे उसकी

दौलत के लिए अपनी अम्मा के साथ 

भोली सकल लिए जाओगे न...??

फिर कैसे कैसे नाटक रचाओगे तुम

फिर किसी की बहन बेटी को अपनी

जाल में फसाओगे तुम बोलो न मेरे

 मर जाने के बाद ये सिलसिला

जारी रखोगे या बन्द कर दोगे..??

अपनी गलतियों को छिपाने के खातिर

तुम और कितनी लड़कियों की हत्या करोगे?

क्या रति भर भी शर्म नही बाकी तुममें 

न रहती है न किसी के लिए दर्द तुममें 

बोलो न मेरे मर जाने के बाद ये सिलसिला 

जारी रखोगे या बन्द कर दोगे....??

-करुणा मिश्रा