दहेज और घरेलू हिंसा के कारण जीन लड़कियों की मौत होती है, मौत उनकी ससुराल वालों के द्वारा की जाती है पर उसे रोका जा सकता है।उन्हें बचाया जा सकता है।यदि सरकार मदद करें तो यदि उनका मायका सपोर्ट करे तो।उनमें अधिकतर का मायका स्पोर्ट नही करता ,उसे अपने घर मे रहने की जगह नही देता।उसे हमेशा ये बोला जाता है कि जैसे रहना है कोशिश करो कि वहाँ रह सको अपना घर बसा सको। कुछ माँ बाप तो ऐसे है कि उन्हें इतना अपना घर बसाने का दबाव बनाते है कि हर रोज थोड़ा थोड़ा मरने से अच्छा वो या तो फाँसी खुद लगा लेती है या कही डूब कर अपनी जान दे देती है।हर रोज उनको ससुराल में मार पीट तरह तरह के दुर्व्यहार सहते सहते वो ऐसा करने पे मजबूर हो जाती। बहुत तो जला दी जाती है या जैसा मेरा इससे पहले के पोस्ट में था फाँसी लगा कर लटका दी जाती है। बहुत हिम्मत कर थाने जाती है पर उसके बाद क्या होता है आयेशा के केश से पता चलता है।अधिकतर वैसा ही होता है न्याय मांगते मांगते इंसान मर जाता है लेकिन न्याय नही मिलता। क्यों वो ठरकी इंसान को पुलिश आयेशा के मौत के बाद अरेस्ट की ???? अगर वो भी वायरल नही होता वीडियो तो शायद वो भी नही होता। ऐसे न जाने कितनी लड़कियां सालों मर रही है .....कौन है इनके जिमेदार..????? क्या माँ बाप ? या सरकार??? या सिर्फ ससुराल वाले। जो भी हो पर ऐसे केश में लड़की की मौत जैसे भी हो वो कत्ल ही कहलायेगा।




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