जो देना है दे दे,

उससे दिल मैंने ना रख

काई बर खामोशी

ज़ख्म बन जाती है

ज़ख्म दे जाती है

*


अगर दस्तूर एक ही हो

तो खामोशी भी बात करती है

डरकर भी दिल की बात होती है

ख़्वाहिश पे दुनिया

दुनिया ख्वाहिश पे

बात दिल में रख

आशिक मर जाता है

बस

एक उम्मीद पे

*


बात की जाए तो कोई बात बने

बिन बात किये कैसे कोई बात बने

*


एक उम्र कट दी मेने

उसके दिल की बात जानेंगे