मैं अपनी बात करता हूं।


मुझे नहीं पता पाकिस्तान, अमेरिका अन्य देशों के बारे में।

मैं भारत में रहता हूं, तो

भारत की बात करता हूं,

मैं अपनी बात करता हूं ।


मुझे नहीं पता देश में क्या – क्यों हो रहा है ।

मैं गांव में रहता हूं, तो

गांव की बात करता हूं ,

मैं अपनी बात करता हूं।


मुझे नहीं पता आप का तर्क वितर्क ।

मैं युवा हूं, तो

नौकरी – अधिकार की बात करता हूं ,

मैं अपनी बात करता हूं ।


मुझे नहीं पता धर्म और मजहब

यह आप ही जानो ।

मैं तो इंसान हूं, तो

इंसान की बात करता हूं ।

मैं ‘कार्तिक’ दुनिया की नहीं ,

मैं अपनी बात करता हूं ।