मेरे ख्वाबों  मे आकर  गायब  हो  जाते  हो  तुम  कहीं  हर  सहर ,

कहते  हैं  मौत  ही  मुकम्मल नींद  है  !

वो  ही  सही  कम  से  कम  तुम  मेरे  करीब  तो  रहोगे  हर   पहर!!