
भारत माता की सेवा में जीवन आहुति दे ऐसा यग करें,
स्वर्ण चिन्हित हो जाये बलिदान आपका ऐसे पग धरें //
हम चाहे मिटटी हो जाए पर इस मातर मिटटी का मान न खोने पाए ऐसी सौगंध भरें //
सदीओ का इतिहास है बलिदान मांगती है मिटटी, आओ हम प्राणदान करें //
की रो के मौज और सो के मंजिल नहीं मिल
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