मृत्यु शैय्या पर क्यों लेटे हो जरा देखो तुम्हे सब उठाते हैं,
एक बार जाग जाओ कह कर बुलाते हैं !
आओ तुम्हे मृत्यु शैय्या की गाथा सुनाता हूँ ,
तुम्हे मृत्यु के बाद की कहानी बताता हूँ !
चुप क्यों बैठे हो कुछ तो बोलो तुम ,
तुम्हारे अपने तुमसे बात करने को आतुर हैं एक बार मुंह तो खोलो तुम !
तुम अब उठ के बोलोगे अब उठ के बोलोगे कब से ऐसा सोच कर निहार रहे हैं ,
पर तुम्हे बोलता ना देख पल पल आंसू विसार रहे हैं !
पर तुम भी तो जिद्द ठान के बैठे हो ,
किस बात का बुरा मान के बैठे हो !
अब तुम्हारे अपनों ने रोना थोड़ा कम कर दिया हैं ,
पहले चीख रहे थे अब सिर्फ आँखों को नम कर दिया हैं !
जिस महल को तुमने बनाया था , तुम्हे उस से बहार निकल कर आगाँ में जमीन पर सुलाया हैं ,
कहीं तुम भूत बन के ना उठ जाओ इसलिए चन लोगो को तुम्हारे पास बैठाया हैं !
जो सिर्फ तुम्हारी वाहा वाही करते थे , अब तुम्हे देखने से डर रहे हैं ,
तुम्हरे मुरीद थे जो वो क्यों ऐसा बर्ताव कर रहे हैं !
जिनको जिंदगी भर तुमने सुन्दर कपडे पहनाये , वो अपने आज तुम्हारे कपडे फाड़ रहे हैं ,
कब मुक्त हो जाएँ तुम्हारा दाह संस्कार करके ऐसी आँखों से ताड रहे हैं !
जो कभी पानी का गिलास देने से कतराते थे ,वो आज गंगा जल पिला रहे हैं ,
जो कभी सीधे मुँह बात ना करते थे वो आज तुम्हारे लिए अगरबत्ती जला रहे हैं !
जिन बच्चों को तुम गोदी में खिलाते थे , उनको बच्चों को तुमसे दूर बैठाया जा रहा हैं ,
नजदीक मत जाओ इसके बुरे सपने आएँगे पल पल बताया जा रहा है !
ले चले है तुम्हे घर से , मजे की बात देखो इस अंतिम यात्रा में दोस्त दुश्मन सब आ रहे हैं,
जो कभी तुमसे बात भी ना करते थे राम नाम सत्य है गा रहे हैं !
जिनको तू आंच ना आने देता था वो तेरे अपने तुझ को खुद जला रहा हैं ,
देख तेरे अपने तुझे मिट्टी में मिला रहे हैं !
आओ तुम्हे मृत्यु शैय्या की गाथा सुनाता हूँ ,
तुम्हे मृत्यु के बाद की कहानी बताता हूँ !